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श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंगला शृंगार आरती | 21.06.2026

श्री ॐकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंगला आरती श्रृंगार | 21.06.2026

श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग मंगला आरती श्रृंगार | 21.06.2026

आज के दर्शन श्री गिर्राज जी दानघाटी गोवर्धन | 21.06.2026

आज के श्रृंगार दर्शन श्री लाड़ली जी बरसाना धाम | 21.06.2026

आज के श्रृंगार दर्शन श्री बांके बिहारी जी वृन्दावन धाम | 21.06.2026

राजाधिराज द्वारकाधीश जी के शयन आरती दर्शन🙏20/06/2026

जटेरी धाम दर्शन 20/06/2026

संध्या दर्शन श्री नन्दमहल नंदगांव 20/06/2026

गिर्राज जी दानघाटी 20/06/2026

गोपेश्वर महादेव दर्शन 20/06/2026

बृजधाम संध्या दर्शन 20/06/2026

बृजधाम संध्या दर्शन 20/06/2026

बृजधाम संध्या दर्शन 20/06/2026

राजाधीराज द्वारीकाधीशजी के संध्या आरती एवं पुष्पशृंगार दर्शन 🙏 20/06/2026

आज के श्रृंगार दर्शन श्री बांके बिहारी जी वृन्दावन धाम | 20.06.2026

आज के श्रृंगार और छप्पन भोग दर्शन श्री नन्दमहल नंदगांव | 20.06.2026

आज के श्रृंगार दर्शन श्री लाड़ली जी बरसाना धाम | 20.06.2026

आज के श्रृंगार दर्शन श्री राधावल्लभ लाल जी | 20.06.2026

आज के श्रृंगार दर्शन श्री राधारमण लाल जी | 20.06.2026

Jai Ambe Gauri Aarti

जय अम्बे गौरी,
मैया जय श्यामा गौरी ।
तुमको निशदिन ध्यावत,
हरि ब्रह्मा शिवरी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

मांग सिंदूर विराजत,
टीको मृगमद को ।
उज्ज्वल से दोउ नैना,
चंद्रवदन नीको ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

कनक समान कलेवर,
रक्ताम्बर राजै ।
रक्तपुष्प गल माला,
कंठन पर साजै ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

केहरि वाहन राजत,
खड्ग खप्पर धारी ।
सुर-नर-मुनिजन सेवत,
तिनके दुखहारी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

कानन कुण्डल शोभित,
नासाग्रे मोती ।
कोटिक चंद्र दिवाकर,
सम राजत ज्योती ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

शुंभ-निशुंभ बिदारे,
महिषासुर घाती ।
धूम्र विलोचन नैना,
निशदिन मदमाती ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

चण्ड-मुण्ड संहारे,
शोणित बीज हरे ।
मधु-कैटभ दोउ मारे,
सुर भयहीन करे ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

ब्रह्माणी, रूद्राणी,
तुम कमला रानी ।
आगम निगम बखानी,
तुम शिव पटरानी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

चौंसठ योगिनी मंगल गावत,
नृत्य करत भैरों ।
बाजत ताल मृदंगा,
अरू बाजत डमरू ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

तुम ही जग की माता,
तुम ही हो भरता,
भक्तन की दुख हरता ।
सुख संपति करता ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

भुजा चार अति शोभित,
वर मुद्रा धारी / खड्ग खप्पर धारी
मनवांछित फल पावत,
सेवत नर नारी ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

कंचन थाल विराजत,
अगर कपूर बाती ।
श्रीमालकेतु में राजत,
कोटि रतन ज्योती ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

श्री अंबेजी की आरति,
जो कोइ नर गावे ।
कहत शिवानंद स्वामी,
सुख-संपति पावे ॥
ॐ जय अम्बे गौरी..॥

जय अम्बे गौरी,
मैया जय श्यामा गौरी ।

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